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एक माह काम बंद रहे तो तीन माह बिगड़ते हैं
उज्जैन। कोरोना कफ्र्यू के कारण लेबर काम छोड़कर चली गई, निर्माण मटेरियल की दुकानें भी बंद थीं ऐसे में निर्माण कार्य बंद करना पड़ा। एक माह काम बंद हो तो उसे पूरा करने में तीन माह बिगड़ते हैं। अब लेबर वापस आ रही है तो पुन: काम शुरू किया गया है। महाकालेश्वर मंदिर के सामने खुली जगह पर खुदाई के बाद यहां वेटिंग हॉल निर्माण कार्य 6 माह पहले शुरू किया गया था। यह निर्माण कार्य तेजी से चल रहा था लेकिन कोरोना संक्रमण की वजह से शहर में कोरोना कफ्र्यू लागू हो गया।
संक्रमण के भय से मजदूर घर लौट गये। निर्माण मटेरियल की दुकानें भी बंद हो गई इस कारण पिछले एक माह से काम बंद पड़ा है। साइड इंजीनियर विष्णु शर्मा ने बताया कि एक माह काम बंद हो तो इसका प्रभाव तीन माह तक रहता है। अब कोरोना संक्रमण कम हुआ है, कुछ दुकानों से मटेरियल भी मिल रहा है। मजदूर लौटने लगे तो काम फिर से शुरू कराया है, लेकिन काम की गति अभी धीमी है। उज्जैन विकास प्राधिकरण द्वारा 15 करोड़ रुपये की लागत से महाकालेश्वर मंदिर परिसर विस्तार योजना के तहत मंदिर के सामने माधव सेवा न्यास की ओर तक निर्माण कार्य शुरू कराया गया है।